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​सुप्रीम कोर्ट में सबको अपनी बात रखने की आजादी है।

  • लेकिन कोर्ट को भी सोचना चाहिए की अगर कुत्तो भी बातें सुनने लगी तो फिर देश का क्या होगा।

दीवाली

किसी का बचपन, किसी की जवानी,किसी का बुढ़ापा।
असलम रद्दी वाला दिवाली की साफ़ सफाई के चक्कर में आज घर से कई कहानियां ले गया …

विकास vs घोटाला

अपनी तो साफ़ सीधी बात हैं देश में कम ही विकास हो चलेगा लेकिन घोटाला न हो..
क्युकी कुछ विकास दिखा कर क्या करोगे जब उसके चौथाई चूस लोगे साहब😀

2 line…

तमन्ना है कि कोई हमारी शख्सियत से भी प्यार करे…
वरना हैसियत से प्यार तो तवायफ भी करती है……
शुभ रात्रि